Kushum Yojana 2023 के अंतर्गत केंद्र सरकार देश के किसानों के लिए भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए वित्तीय सहायता राशि प्रदान करेगी। योजना के अंतर्गत अगर किसान अपनी भूमि पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाते है तो इसके लिये केंद्र सरकार की तरफ से किसानों को संपूर्ण लागत का 60% राशि प्रदान की जाएगी।
PM Kusum Yojana Apply | कुसुम योजना ऑनलाइन आवेदन | एप्लीकेशन फॉर्म | कुसुम योजना ऑनलाइन एप्लीकेशन | Kusum Yojana Eligibility | जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं हमारे देश में किसानों को बहुत सारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। किसानों की इसी परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार किसानों के लिए किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महाअभियान जिसे हम कुसुम योजना के नाम से भी जानते हैं को आरंभ किया है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को सिंचाई करने के लिए केंद्र सरकार सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप मुहैया करवाएगी। आज हम आपको इस लेख के माध्यम से Kusum Yojana से जुडी सभी जानकारी जैसे कुसुम योजना के उद्देश्य, लाभ, आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज आदि। यदि आप कुसुम योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आप से निवेदन है कि आप हमारे इस लेख को ध्यान से पढ़े।
PM Kusum Yojana
केंद्र सरकार ने किसानों के लिए कुसुम योजना को आरंभ किया है। कुसुम योजना के अंतर्गत सिंचाई करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पंप जो कि पेट्रोल या डीजल से चलते हैं उन्हें केंद्र सरकार सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों में बदलेगी। PM Kusum Yojana के 2 फायदे हैं। पहला यह कि किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप मुहैया कराए जाएंगे जिससे उनको पेट्रोल या डीजल से चलने वाले पंप का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। दूसरा यह कि किसानों को इन पंप सेट के साथ ऊर्जा पावर ग्रिड प्रदान किए गए हैं जिसकी वजह से जो भी अतिरिक्त बिजली किसानों के पास जमा होगी उसे वह सरकार को सीधे भेज सकते है। इसकी वजह से किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
- इस योजना के अंतर्गत खेती की सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पंप बनाए जाएंगे,
- और इस योजना का फायदा उन किसानों को प्रदान किया जाएगा जो सूखे से प्रभावित होते हैं ताकि उनकी फसलों को हानि से बचाया जाए।
- योजना के अंतर्गत 3 करोड़ सौर ऊर्जा संयंत्रों स्थापना की कुल लागत 1.4 करोड रुपए हैं।
- और इस राशि का वाहन सरकार द्वारा किया जाएगा।
- किसानों को केवल 10 फ़ीसदी ही इसका देना होगा
- जबकि 48 हजार करोड़ का इंतजाम बैंक लोन से किया जाएगा
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
अन्नदाता को पावर डाटा में बदल रही कुसुम योजना
18 फरवरी 2021 को हुई वेबीनार में हमारे प्रिय प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा की गई के कुसुम योजना अन्नदाता को पावर डाटा में बदल रही है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा अपना लक्ष्य जैसे कृषि क्षेत्रों में छोटे बिजली संयंत्र स्थापित करके 30 गीगावॉट और सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। अब तक इस योजना के अंतर्गत लगभग 4GW ऊर्जा की क्षमता हासिल हुई है और जल्द ही 2.5GW और हासिल करने की उम्मीद है।
- हमारे माननीय प्रधानमंत्री द्वारा घोषणा की गई कि आने वाले दिनों में बिजली क्षेत्र को मजबूत करने और सुधारने का अभियान तेजी से काम कर रहा है
- जिसके माध्यम से 2022 तक किसानों की आय को भी दोगुना किया जाएगा।
- Kusum Yojana के अंतर्गत पूरे देश में से लगभग 2000000 किसानों को कवर किया जाएगा
- जिसके माध्यम से किसानों को पंपसेट और ट्यूबवेल स्थापित करने के लिए 60% सब्सिडी प्रदान की जाएगी
- जिससे पानी की समस्याएं और सिंचाई की समस्याओं को दूर किया जाएगा।
Kusum Yojana New Update
Kusum Yojana के अंतर्गत सरकार द्वारा 17.5 लाख डीजल पंप और तीन करोड़ खेती उपयोग पंप को आगे आने वाले 10 वर्षों में सोलर पंप लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। राज्य के किसानों के खेती में सोलर पंप लगवाने के लिए सरकार द्वारा पचास हजार करोड रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। कुसुम योजना के अंतर्गत 2020 और 21 में राज्य के 20 लाख किसानों को सोलर पंप की मदद प्रदान की जाएगी
कुसुम योजना के तहत आवेदन
इस योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया को काफी सरल बनाया है। इस योजना के तहत लाभार्थी ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों माध्यम से आवेदन आसानी से कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति Kusum Yojana के अंतर्गत सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापना और भूमि लीज पर देने हेतु आवेदन करना चाहते हैं तो वह आसानी से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। सफलतापूर्वक पंजीकरण होने के बाद उनकी सूची आरआरईसी द्वारा अधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी। इसके पश्चात वेब पंजीकृत आवेदनों से संपर्क कर संयंत्र लगाने के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण के पात्र लाभार्थियों को एप्लीकेशन आईडी दी जाएगी जिन्हें उन्हें भविष्य के लिए संभाल कर रखना होगा।
Key Highlights Of Kusum Yojana
| आर्टिकल किसके बारे में है | कुसुम योजना |
| किस ने लांच की स्कीम | भारत सरकार |
| लाभार्थी | भारत के किसान |
| उद्देश्य | किसानों को सिंचाई करने के लिए सौर पंप प्रदान करना |
| ऑफिशियल वेबसाइट | यहां क्लिक करें |
| साल | 2021 |
| स्कीम उपलब्ध है या नहीं | उपलब्ध |
कुसुम योजना का उद्देश्य
योजना का मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप को मुहैया कराना है। यदि किसानों के पास सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप होंगे तो उन्हें डीजल या पेट्रोल से चलने वाले पंपों का इस्तेमाल नहीं करना पड़ेगा। जिससे पैसों की बचत होगी और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आएगा। इसी के साथ सरकार पावर ग्रिड भी प्रदान करेगी जिससे बिजली बचाकर किसान सीधे बिजली सरकार को बेच सकते हैं।इससे किसानों की आमदनी में भी वृद्धि होगी।
राजस्थान कुसुम योजना पंजीकरण 2021
सरकार द्वारा इस योजना के तहत राज्य के किसानों को सिंचाई के लिए पंप एवं सौर ऊर्जा पंप मुहैया कराए जाएंगे। इस योजना को आरंभ करने का मुख्य उद्देश्य है कि किसानों को फायदा हो और सूखा पड़ने के कारण उनकी फसलों को कम नुकसान हो। वर्ष 2022 तक इस योजना के तहत लगभग तीन करोड़ सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना के लिए सरकार द्वारा 1.25 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना के तहत देश के किसानों को लागत का 10 फ़ीसदी देना होगा और 48 करोड़ रुपए का इंतजाम बैंक द्वारा किया जाएगा।
राजस्थान में स्थापित किए गए कुल ऊर्जा संयंत्र
राजस्थान के किसानों को इस योजना के तहत अब तक सैकड़ों संयंत्र प्रदान किए गए हैं। पूरे देश से केवल राजस्थान ही एक पहला राज्य है जिसने किसानों की चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। इस शुभ अवसर पर राजस्थान अक्षय ऊर्जा निगम के अध्यक्ष एवं प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा अजिताभ शर्मा द्वारा बताया गया कि राजस्थान द्वारा Kusum Yojana के पहले चरण में वितरण निगमों के 33.11 केवी सब स्टेशनों पर किसानों ने सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कर लिया है। जिसके तहत केवल 623 किसानों को 722 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
कार्यान्वयन प्रक्रिया में राजस्थान के तहत कुसुम योजना पहले नंबर पर
केंद्र सरकार द्वारा किसानों की आय में वृद्धि एवं बिजली उत्पादक को बढ़ावा देने हेतु कुसुम योजना का शुभारंभ किया गया है। इस योजना के तहत कार्यान्वयन प्रक्रिया को पूरा करने में राजस्थान पहले स्थान पर है। राजस्थान के अंतर्गत Kusum Yojana के तहत बिजली उत्पादन की प्रक्रिया को आरंभ कर दिया गया है। राजस्थान के अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा योजना के अंतर्गत जयपुर से लेकर कोटपूतली तहसील में भालू जी गांव प्रथम स्थान पर है और यहां संयंत्र स्थापित किए गए हैं। इस योजना के सफलतापूर्वक कार्यान्वयन के लिए सरकार द्वारा लगभग 3.70 करो रुपए का खर्च निर्धारित किया है।
कुसुम योजना के तहत पात्र लाभार्थी
- सहकारी समितियां
- किसानों का समूह
- किसान
- पंचायत
- जल उपभोक्ता एसोसिएशन
- किसान उत्पादक संगठन
PM Kusum Yojana की महत्वपूर्ण बातें
- इस योजना के अंतर्गत प्लांट की कुल लागत का 30% राशि केंद्र सरकार द्वारा, 30% राशि राज्य सरकार द्वारा और 30% राशि कृषि उपभोक्ता को लोन के रूप में नाबार्ड या बैटिंग संस्थान द्वारा दिया जाएगा
- किसानों को केवल 10% ही राशि प्रदान करनी होगी।
- सरकार द्वारा किसानों के बैंक खातों में यह राशि हस्तांतरित की जाएगी।
- आवेदक के पास आधार कार्ड एवं बैंक खाता होना अनिवार्य है।
- इस योजना के तहत पहला हिस्सा उपभोक्ता का होगा एवं दूसरा हिस्सा लोन की किस्त का होगा।
- बिजली उत्पादन होने पर किसानों को बची हुई बिजली बेचने का भी लाभ प्राप्त होगा।
- इस योजना के माध्यम से बंजर जमीनों पर बिजली बेचकर पैसा कमाया जा सकेगा।
कुसुम योजना के कॉम्पोनेंट्स
Kusum Yojana 4 कॉम्पोनेंट्स पर निर्धारित की गई है जो कि इस प्रकार है
- सौर पंप वितरण- इस योजना के अंतर्गत प्रथम चार चरणों के तहत केंद्र सरकार द्वारा साथ मिलकर बिजली विभाग सौर ऊर्जा संचालित पंप के साथ सफल शुरुआत करेगी
- सौर ऊर्जा कारखाने का निर्माण- बिजली उत्पाद को बढ़ाने के लिए सौर ऊर्जा कारखानों का निर्माण किया जाएगा
- ट्यूबवेल की स्थापना- सही मात्रा में बिजली उत्पाद करने के लिए सरकार द्वारा ट्यूबवेल की भी स्थापना की जाएगी
- वर्तमान पंपों का आधुनिरण- वर्तमान समय में जो पंप उपलब्ध हैं उनका आधुनिकरण किया जाएगा तथा पुराने पंपों को नए सौर पंप में बदला जाएगा।
कुसुम सोलर पंप योजना
हमारी प्रिय वित्त मंत्री द्वारा 2021 का बजट पेश करते हुए 1500000 किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए धन प्रदान किया जाएगा। इसका इस्तेमाल करके किसान अपनी बंजर भूमि पर अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प कर पाएंगे। इसी के साथ-साथ कृषि मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने जयपुर के निकट झोटवाड़ा पंचायत समिति क्षेत्र में कपाड़िया वास गांव में 7.5 एचपी क्षमता के पहले अनुदानित सौर ऊर्जा पंप संयंत्र का शुभारंभ किया है। राजस्थान में पहली बार इतनी क्षमता का अनुदानित संस्कृत स्थापित किया गया है जिससे किसानों को काफी सहायता प्राप्त होगी
कुसुम योजना के लाभ
- इस योजना के अंतर्गत रियायती दरों पर सिंचाई करने के लिए सौर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे।
- Kusum Yojana का लाभ देश का कोई भी किसान उठा सकता है।
- इस योजना के अंतर्गत किसानों को 10 फीसदी लागत का देना होगा।
- 2022 तक इस योजना के अंतर्गत कम से कम तीन करोड़ पंपों को बिजली और डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने का लक्ष्य केंद्र सरकार ने निर्धारित किया है।
- इस योजना के अंतर्गत यदि किसान अतिरिक्त बिजली बचाकर किसी भी सरकारी या गैर सरकारी बिजली विभाग को भेजेंगे तो उसकी कीमत किसान को दी जाए। इस के जरिए किसानों को 1 माह में ₹6000 तक मिल सकते हैं।
- Kusum Yojana के अंतर्गत कम से कम 28000 मेगावाट एक्स्ट्रा बिजली का उत्पादन हो सकता है।
- इस योजना के पहले चरण में 17।5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा में चलाया जाएगा।
- डीजल खपत में कमी आएगी।
- किसानों की आय में वृद्धि होगी।
- इस योजना के अंतर्गत आने वाले खर्चे में 60% केंद्र सरकार देगी 30% बैंक लोन से सहायता प्रदान की जाएगी अथवा किसान को सिर्फ 10% लागत का भुगतान करना होगा।
- उन सभी राज्यों में जहां सूखा पड़ता है और बिजली की समस्या रहती है उन राज्यों में कुसुम योजना बहुत फायदेमंद साबित होगी।
- सौर प्लांट से 24 घंटे बिजली रहेगी।
आवेदन करने के लिए महत्वपूर्ण दस्तावेज
- आधार कार्ड
- बैंक अकाउंट पासबुक
- आय प्रमाण पत्र
- मोबाइल नंबर
- पता का सबूत
- पासपोर्ट साइज फोटो

hello
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